महामीडिया न्यूज सर्विस
कार्तिक मास में तुलसी और स्नान का महत्व और बढ़ जाता है

कार्तिक मास में तुलसी और स्नान का महत्व और बढ़ जाता है

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 29 दिन 6 घंटे पूर्व
14/10/2019
भोपाल (महामीडिया) आज से कार्तिम मास शुरू हो गया है। आज कार्तिक कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। प्रतिपदा तिथि कल यानि कि 13 अक्टूबर की देर रात 02 बजकर 39 मिनट से शुरू हो चुकी है और आज यानि 14 अक्टूबर की देर रात 04 बजकर 21 मिनट तक रहेगी|
पुराणों के अनुसार इस मास में भगवान विष्णु नारायण रूप में जल में निवास करते है। इसलिए सूर्यदय से पहले स्नान करने से पुण्य की प्राप्त होती है। इसके साथ ही कार्तिक महीने में तुलसी पूजन का महत्व और बढ़ जाता है।
कार्तिक मास में तुलसी पत्र से श्री विष्णु की पूजा करने से भगवान विष्णु बहुत प्रसन्न होते हैं| पूरे कार्तिक में शाम के समय तुलसी के पौधे में घी का दीपक जरूर जलाना चाहिए| इससे घर की सुख- समृद्धि बनी रहती है| तुलसी अर्चना से न केवल घर के रोग और दुःख दूर होते हैं, बल्कि अर्थ, काम और मोक्ष की भी प्राप्ति होती है।
कार्तिक में सुबह उठकर तुलसी दल का सेवन भी बड़ा ही लाभकारी होता है| इससे हमारा इम्यून सिस्टम अच्छा होता है| लिहाजा हमारा स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है| लेकिन ध्यान रहे कि तुलसी की पत्ती को चबाया नहीं जाता। उसे पानी के साथ निगलना चाहिए| 
कार्तिक मास में स्नान का महत्व
कार्तिक का महीना स्नान और दान-पुण्य के लिये विशेष महत्व रखता है| इस महीने में पूजा- पाठ और स्नान-दान करने से अक्षय फलों की प्राप्ति होती है| विष्णुधर्मसूत्र, कृत्यकल्पतरू, हेमाद्रि, पद्मपुराण, निर्णयसिन्धु और गरूड़ पुराण में बताया गया है कि कार्तिक मास में घर से बाहर किसी पवित्र नदी में स्नान, गायत्री जप एवं दिन में केवल एक बार भोजन करके व्यक्ति को शुभ फल प्राप्त होते हैं और उसकी तरक्की होती है। कार्तिक मास में सुबह स्नान के बाद सूर्यदेव को जल अवश्य अर्पित करना चाहिए|

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