महामीडिया न्यूज सर्विस
भारत के एक शहर से 4 नोबेल विजेता

भारत के एक शहर से 4 नोबेल विजेता

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 37 दिन 12 घंटे पूर्व
15/10/2019
स्वीडन [ महामीडिया ] नोबेल कमेटी  ने सोमवार को अर्थशास्त्र  के क्षेत्र में विजेताओं की घोषणा की।जिसमें भारतीय मूल के अमेरिकी अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी  अपनी पत्नी एस्थर डफलो और माइकल क्रेमर के साथ संयुक्त रूप से शामिल हैं।बनर्जी का शिक्षा के समय ताल्लुक पश्चिम बंगाल  की राजधानी कोलकाता  से रहा।लेकिन, दिलचस्प बात ये है कि इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के शहर से सिर्फ बनर्जी ही नहीं बल्कि चार नोबेल विजेताओं  का ताल्लुक रहा है।उन चारों विजेताओं के साथ ही समझें कि इस संयोग के पीछे क्या कारण हैंसाल 1913 में गुरुदेव रबींद्रनाथ टैगोर  को साहित्य के क्षेत्र में नोबेल विजेता घोषित किया गया था।भारत के राष्ट्रगान  के रचयिता कवि और प्रसिद्ध कलाकार टैगोर का जन्म 1861 में कलकत्ता  में हुआ था और उसके बाद लगातार कलकत्ता के साथ उनका नाता बना रहा।शिक्षा कलकत्ता यूनिवर्सिटी  से हुई और उनका देहांत भी इसी शहर में हुआ।यहां तक कि उनका रचा 'भारत भाग्य विधाता' गीत पहली बार 1911 में कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में ही गाया गया था.टैगोर के बाद किसी विशुद्ध भारतीय को साहित्य का नोबेल नसीब नहीं हुआ।अलबत्ता वीएस नायपॉल ज़रूर साहित्य के नोबेल विजेता रहे, लेकिन भारत के साथ उनका रिश्ता दो पीढ़ी पीछे से जुड़ता है और वह भारत के साथ कोई निजी लगाव भी नहीं रख सके, यह उन्होंने खुद कबूल किया था।वहीं, रूडयार्ड किपलिंग ब्रिटिशकालीन भारत के बम्बई में जन्मे थे.मदर टेरेसा जन्म और शिक्षा आदि से विदेशी थीं और ईसाई मिशनरी के तौर पर भारत आई थीं।लेकिन, बंगाल खासकर कलकत्ता के साथ उनका लंबा रिश्ता रहा और इसी शहर में उन्होंने अपनी अहम सेवाएं दीं।अमर्त्य सेन का जन्म कलकत्ता से करीब डेढ़ सौ किलोमीटर दूर शांतिनिकेतन यूनिवर्सिटी परिसर में हुआ था और उनका परिवार मूल रूप से ढाका से ताल्लुक रखता था।लेकिन शिक्षा के समय में कलकत्ता से सेन का जुड़ाव हुआ, जब वह प्रेसिडेंसी कॉलेज से बीए करने पहुंचे थे।इस साल यानी 2019 का अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार अभिजीत बनर्जी के खाते में गया है।हालांकि अभिजीत अमेरिकी नागरिक हैं और वहीं कुछ यूनिवर्सिटियों में पढ़ाते हैं लेकिन 1961 में उनका जन्म भारत में हुआ था।उनके पिता दीपक बनर्जी और मां निर्मला बनर्जी दोनों ही कलकत्ता में प्रोफेसर रहे।दीपक प्रेसिडेंसी कॉलेज में अर्थशास्त्र के ही प्रोफेसर थे और इसी कॉलेज से अभिजीत ने 1981 में अर्थशास्त्र में बीएस की डिग्री हासिल की थीइन चारों नोबेल विजेताओं की चर्चा के साथ एक बड़ा बिंदु ये सामने आता है कि पहले भारतीय नोबेल विजेता ने एक प्रसिद्ध यूनि​वर्सिटी का बरसों तक कामयाब संचालन किया तो दो नोबेल विजेताओं अर्थशास्त्रियों को कोलकाता से रिश्ता यूनिवर्सिटी स्तर की शिक्षा के कारण ही बना।



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