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गोवर्धन पूजा का पर्व आज श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है

गोवर्धन पूजा का पर्व आज श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है

admin | पोस्ट किया गया 15 दिन 7 घंटे पूर्व
28/10/2019
भोपाल (महामीडिया) देशभर में गोवर्धन पूजा का पर्व आज श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन घर में किसी जगह ज्यादातर आंगन में गोबर से गोवर्धन पर्वत, गायों और ग्वालों की आकृति बनाकर पूजा-अर्चना की जाती है। साथी ही परिक्रमा कर छप्पन भोग का प्रसाद बांटा जाता है। लोग घरों में गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाकर जल, मौली, रोली, चावल, फूल, दही और दीप जलाकर पूजा अर्चना करते हैं। गोवर्धन पूजा के दिन गायों की पूजा भी की जाती है। फिर गायों को मिठाई खिलाकर उनकी आरती उतारकर प्रदक्षिणा की जाती है।
इसे अन्नकूट भी कहा जाता है। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा यानी दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। गोवर्दन पूजा के दिन भगवान कृष्‍ण, गोवर्धन पर्वत और गायों की पूजा की जाती है। इस दिन 56 या 108 तरह के पकवान बनाकर श्रीकृष्‍ण को उनका भोग लगाया जाता है। इन पकवानों को 'अन्‍नकूट' कहा जाता है। इस त्योहार के पीछे धार्मिक मान्यता यह है कि ब्रजवासियों की रक्षा के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी दिव्य शक्ति से विशाल गोवर्धन पर्वत को छोटी उंगली में उठाकर हजारों जीव-जतुंओं और इंसानी जिंदगियों को भगवान इंद्र के कोप से बचाया था। श्रीकृष्‍ण ने इन्‍द्र के घमंड को चूर-चूर कर गोवर्धन पर्वत की पूजा की थी। इस दिन लोग अपने घरों में गाय के गोबर से गोवर्धन बनाते हैं। कुछ लोग गाय के गोबर से गोवर्धन का पर्वत मनाकर उसे पूजते हैं तो कुछ गाय के गोबर से गोवर्धन भगवान को जमीन पर बनाते हैं। 
लोग गोवर्धन भगवान की परिक्रमा करते हैं। उन्हें अन्नकूट का भोग लगाया जाता है। गोवर्धन पर्वत या भगवान बनाकर जल, मौली, रोली, चावल, फूल, दही तथा तेल का दीपक जलाकर पूजा करते हैं और फिर उसकी परिक्रमा लगाते हैं। वहीं इस दिन भगवान गोवर्धन के लिए भोग व नैवेद्य में नित्य के नियमित पद्धार्थ के अलावा यथाशक्ति अन्न से बने कच्चे-पक्के भोग, फल, फूल के साथ छप्पन भोग लगाया जाता है।

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