महामीडिया न्यूज सर्विस
बीते पांच वर्षों में 26 सरकारी बैंकों की 3,427 बैंक शाखाएं हुईं बंद

बीते पांच वर्षों में 26 सरकारी बैंकों की 3,427 बैंक शाखाएं हुईं बंद

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 8 दिन 20 घंटे पूर्व
04/11/2019
इंदौर (महामीडिया) सूचना के अधिकार से खुलासा हुआ है कि बीते पांच वित्तीय वर्षों के दौरान विलय या शाखाबंदी की प्रक्रिया से सार्वजनिक क्षेत्र के 26 सरकारी बैंकों की कुल 3,427 बैंक शाखाओं का मूल अस्तित्व प्रभावित हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि 10 बड़े बैंकों को मिलाकर चार बड़े बैंक बनाने की योजना से सात हजार शाखाओं पर बंद होने का खतरा होगा। सबसे खास बात यह है कि पिछले पांच साल में सरकारी बैंकों की जो शाखाएं प्रभावित हुई हैं इनमें से 75 प्रतिशत शाखाएं देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक की हैं। इस दौरान एसबीआई में इसके पांच सहयोगी बैंकों और भारतीय महिला बैंक का विलय हुआ है।
यह जानकारी आरटीआई के जरिए ऐसे वक्त सामने आई है, जब देश के 10 सरकारी बैंकों को मिलाकर इन्हें चार बड़े बैंकों में तब्दील करने की सरकार की नई योजना पर काम शुरू हो चुका है। आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने भारतीय रिजर्व बैंक से जो जानकारी हासिल की उसके मुताबिक, देश के 26 सरकारी बैंकों की वित्तीय वर्ष 2014-15 में 90 शाखाएं, 2015-16 में 126 शाखाएं, 2016-17 में 253 शाखाएं, 2017-18 में 2,083 बैंक शाखाएं और 2018-19 में 875 शाखाएं या तो बंद कर दी गईं या इन्हें दूसरी बैंक शाखाओं में मर्ज कर दिया गया।
बीते 5 वित्तीय वर्षों में विलय या बंद होने से एसबीआई की सर्वाधिक 2,568 बैंक शाखाएं प्रभावित हुईं। 
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