महामीडिया न्यूज सर्विस
रुद्राक्ष की माला , उपवास और सिर पर नैवेद्य के साथ भगवान अयप्पा के दर्शन रविवार से

रुद्राक्ष की माला , उपवास और सिर पर नैवेद्य के साथ भगवान अयप्पा के दर्शन रविवार से

admin | पोस्ट किया गया 21 दिन 11 घंटे पूर्व
15/11/2019
तिरुअनंतपुरम (महामीडिया) सबरीमाला मंदिर में रविवार से मंडला पूजा शुरू हो रही है। भगवान अयप्पा के दर्शन के लिए तैयारियां अंतिम दौर में हैं। सबरीमाला अयप्पा मंदिर में धनु मास के दौरान यानी जब सूर्य धनु राशि में होता है। तब मंडला पूजा 11 वें या 12 वें दिन मनाई जाती है। मंडला पूजा भगवान अयप्पा के भक्तों द्वारा की गई 41 दिनों की लंबी तपस्या का अंतिम दिन होता है। इस व्रत की शुरुआत मंडला पूजा से 41 दिन पहले यानि मलयालम कैलेंडर के अनुसार जब सूर्य वृश्चिक राशि में होता है तब वृश्चिक मास के पहले दिन से होती है। सबरीमाला अयप्पा मंदिर में मंडला पूजा और मकर विलक्कू दो सबसे प्रसिद्ध कार्यक्रम हैं जब मंदिर को ज्यादा दिनों तक भक्तों के लिए खुला रखा जाता है।मंडला पूजा के दौरान भक्त तुलसी या रूद्राक्ष की माला पहनते हैं जो भगवान अयप्पा को प्रिय है। चंदन का लेप लगाते हैं। 41 से 56 दिनों तक चलने वाली इस महापूजा के दौरान भक्त मन और तन की पवित्रता का पूरा ध्यान रखते हैं। इस पूजा में भगवान गणेशजी का आव्हान किया जाता है और भजन-कीर्तन किए जाते हैं। पूजा के दौरान भगवान अयप्पा के दर्शन का भी बहुत महत्व है इसलिए कई भक्त मंदिर में दर्शन के लिए भी जाते हैं। कुछ भक्त ये महापूजा मकर संक्रांति तक भी करते हैं।मान्यता है कि अगर यहां आने वाले श्रद्धालु तुलसी या रुद्राक्ष की माला पहनकर, उपवास रखकर और सिर पर नैवेद्य यानी भगवान को चढ़ाए जाने वाला प्रसाद लेकर दर्शन के लिए आते हैं तो उसकी सभी  मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।सबरीमाला मंदिर केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम से 175 किमी की दूरी पर पत्तनमतिट्टा जिले के पेरियार टाइगर रिजर्वक्षेत्र में है। ये प्राचीन मंदिर दुनिया के बड़े तीर्थों में एक माना जाता है। इनके दर्शन के लिए हर साल यहां 4.5 से 5 करोड़ लोग आते हैं। 

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