महामीडिया न्यूज सर्विस
सर्व पितृ अमवस्या पर सभी पितरों का श्राद्ध

सर्व पितृ अमवस्या पर सभी पितरों का श्राद्ध

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 786 दिन 19 घंटे पूर्व
19/09/2017
रायपुर [महामीडिया]:   पितृ पक्ष में जो लोग अपने पूर्वजों के अर्पण-तर्पण के निमित्त किए जाने वाले हवन, पूजा-पाठ का खर्च नहीं उठा सकते मगर पितरों का श्राद्ध करने की चाहत मन में है। ऐसे लोगों के लिए पितृ मोक्ष अमावस्या यानी 19 सितंबर को बूढ़ेश्वर मंदिर घाट पर विशेष व्यवस्था की गई है। यहां बिना एक पैसा खर्च किए हवन-पूजन और पंडितों के मुखारविंद से मंत्रोच्चार के साथ पितरों के नाम अर्पण-तर्पण कर सकेंगे। श्रीमहाकाल भैरवनाथ सेवा संघ के जयकिशन जोशी बताते हैं कि जो लोग पैसे वाले हैं वे अपने घरों में पंडितों को बुलाकर विधिविधान से हवन-पूजन कर अर्पण-तर्पण करवाते हैं। इसके विपरीत ज्यादातर गरीब लोग पैसों के अभाव में विधिवत पूजा संपन्न नहीं करवा सकते।
इसे देखते हुए कुछ सेवाभावी सदस्यों ने 'एक शाम पितृ आत्माओं के नाम' कार्यक्रम आयोजित करना शुरू किया है। पिछले सात साल से बूढ़ेश्वर मंदिर में पितृ मोक्ष अमावस्या के दिन सुबह से लेकर रात तक पूजा-अर्चना करके पितरों को याद किया जाता है। सुबह 9 बजे बूढ़ेश्वर तालाब घाट पर सर्व पितरों के नाम विधिवत अर्पण-तर्पण करवाया जाएगा। इसके बाद 12 से 3 बजे तक बूढ़ेश्वर चौक पर महाभंडारे में हजारों लोगों को भोजन करवाया जाएगा। रात्रि 8 बजे से देर रात तक भजन-कीर्तन का दौर चलेगा। जयकिशन जोशी बताते हैं कि कुछ सालों पहले बद्रीनाथ, केदारनाथ धाम में आई प्राकृतिक विपदा में हजारों लोग मारे गए। इनमें से कई ऐसे थे जिनके परिवार में कोई नहीं बचा। ऐसे मृतकों के नाम पर समिति के सदस्य अर्पण-तर्पण करेंगे।
हिन्दू धर्म ग्रंथों में मान्यता है कि सभी मृतकों के नाम पर श्राद्ध किया जाना चाहिए लेकिन जिनके परिवार में कोई नहीं है उनका श्राद्ध या तर्पण कौन करेगा। इस सोच से सार्वजनिक श्राद्ध कराने का आइडिया मिला। शुरुआत में महाकाल भैरवनाथ सेवा संघ के शंकर व्यास, जयकिशन जोशी, राधेश्याम ओझा, धर्मेन्द्र ओझा, भगवान दास चांडक ने बीड़ा उठाया। अब हर साल कई लोग इस कार्यक्रम में जुड़ते जा रहे हैं।

और ख़बरें >

समाचार