महामीडिया न्यूज सर्विस
पांच वर्ष की कन्या पूजा से व्यक्ति रोग मुक्त होता है

पांच वर्ष की कन्या पूजा से व्यक्ति रोग मुक्त होता है

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 782 दिन 17 घंटे पूर्व
23/09/2017
नई दिल्ली [महामीडिया]:  नवरात्र में मां दुर्गा की पूजा के साथ ही अष्टमी या नवमी को कन्याओं को भोजन कराया जाता है। नवरात्रि में कन्या पूजन का विशेष महत्व माना गया क्योंकि इन्हें मां दुर्गा का साक्षात रूप माना जाता है। आमतौर पर दो से नौ साल तक की कन्याओं को ही भोजन कराने का विधान है। हर उम्र की कन्या का विशेष कार्यों की सिद्धि के लिए पूजन किया जाता है। जानिए कितने वर्ष की कन्या को भोजन करने से क्या लाभ मिलता है और क्यों करनी चाहिए कन्या की पूजा।दो वर्ष की कन्या को कौमारी कहा जाता है। कहा जाता है कि इसके पूजन से दुख और दरिद्रता दूर होती है।तीन वर्ष की कन्या त्रिमूर्ति मानी जाती है। इनके पूजन से धन-धान्य की कमी नहीं होती है और परिवार का कल्याण होता है।चार वर्ष की कन्या को कल्याणी कहा जाता है, जिनकी पूजा से सुख-समृद्धि मिलती है । पांच वर्ष की कन्या रोहिणी कही जाती है और उनकी पूजा से व्यक्ति रोग मुक्त होता है।छह वर्ष की कन्या चण्डिका मानी जाती है और उनकी पूजा से ऐश्वर्य मिलता है।आठ वर्ष की कन्या शाम्भवी कही जाती है, जिनकी पूजा से लोकप्रियता मिलती है।नौ वर्ष की कन्या को साक्षात दुर्गा माना जाता है और उनकी पूजा से शत्रु पर विजय मिलती है तथा असाध्य कार्य सिद्ध होते हैं।

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