महामीडिया न्यूज सर्विस
मुहर्रम-बकरीद पर बैन लगाने की हिम्मत क्यों नहीं -चेतन भगत

मुहर्रम-बकरीद पर बैन लगाने की हिम्मत क्यों नहीं -चेतन भगत

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 678 दिन 19 घंटे पूर्व
10/10/2017
नई दिल्ली (महामीडिया) दिवाली के मौके पर पटाखों के कारण होने वाले प्रदूषण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 1 नवंबर तक के लिए दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी है. इस फैसले का कुछ लोगों ने स्वागत किया है तो कई इससे निराश भी हुए हैं.सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर लेखक चेतन भगत ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. चेतन भगत सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बिल्कुल खुश नहीं हैं. उन्होंने एक के बाद एक कई ट्वीट किए और कोर्ट के फैसले से असहमति जताई.चेतन भगत का मानना है कि पटाखों की बिक्री पर बैन लगाना गैर जरूरी है. उन्होंने सवाल किया कि किस आधार पर किसी की परंपराओं पर बैन लगाया जा रहा है? चेतन भगत ने एक ट्वीट में लिखा, "बिना पटाखों के बच्चों के लिए दिवाली का क्या मतलब है?" लेखक ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का बैन परंपराओं पर चोट है. उन्होंने कहा कि बैन की जगह रेगुलेशन बेहतर विकल्प हो सकता था. अपनी नाखुशी जाहिर करने के बाद चेतन भगत ने प्रदूषण नियंत्रण करने के लिए कई सुझाव दिए. उन्होंने कहा कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट की हालत सुधारना भी प्रदूषण पर लगाम लगाने का एक बढ़िया विकल्प हो सकता है. उन्होंने लिखा, "नए विचारों के साथ आइए, बैन के साथ नहीं." 
दिल्ली-एनसीआर की खराब आबो-हवा सुधारने के लिए चेतन ने एक हफ्ते के लिए बिजली और कारों का इस्तेमाल नहीं करने का भी सुझाव दिया. भगत ने आगे कहा कि केवल हिंदुओं के त्योहार पर बैन क्यों लगाने की हिम्मत क्यों दिखाई जाती है? क्या जल्द ही बकरियों की बलि और मुहर्रम के खूनखराबे पर भी रोक लगेगी? जो लोग दिवाली जैसे त्योहारों में सुधार लाना चाहते हैं, मैं उनमें यही शिद्दत खून-खराबे से भरे त्योहारों को सुधारने के लिए भी देखना चाहता हूं.
और ख़बरें >

समाचार

MAHA MEDIA NEWS SERVICES

Sarnath Complex 3rd Floor,
Front of Board Office, Shivaji Nagar, Bhopal
Madhya Pradesh, India

+91 755 4097200-16
Fax : +91 755 4000634

mmns.india@gmail.com
mmns.india@yahoo.in