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पुराने गीतों को फिर से गाकर लता बनना चाहती थीं अनुराधा पौडवाल

पुराने गीतों को फिर से गाकर लता बनना चाहती थीं अनुराधा पौडवाल

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 723 दिन 7 घंटे पूर्व
27/10/2017
नई दिल्लीः पुराने गीतों को फिर से गाकर लता बनना चाहती थीं अनुराधा पौडवाल 27 अक्टूबर 1954 में जन्मीं अनुराधा साल 1976 से ही गायकी में सक्रिय रहीं. गीत और संगीत भारतीय फिल्मों की एक खास पहचान रहा है. यही कारण है कि हिंदी फिल्मों ने एक से बढ़कर एक गायक और संगीतकार पैदा किए हैं.80 के दशक में जब कैसेट टेप का कल्चर बढ़ने लगा, बहुत से उद्योगपति इस बिजनेस में उतर आए. यही वो दौर था जब पुराने गायकों के गीत रीक्रिएट करने का कल्चर पनप रहा था.ऐसे ही कल्चर की 'क्वीन' बनकर उभरीं गायिका अनुराधा पौडवाल. टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार के साथ मिलकर अनुराधा ने अपनी गायकी से कंपनी को नए आयाम तक पहुंचाया. भक्ति गीतों में अनुराधा का कोई सानी ही नहीं था.वैसे 27 अक्टूबर 1954 में जन्मीं अनुराधा साल 1976 से ही गायकी में सक्रिय रहीं. लेकिन उनको असली पहचान मिली टी-सीरीज से जुड़ने के बाद.

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