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कार्तिक पूर्णिमा में स्नान से लेकर रात तक करें ये काम, लक्ष्मी होंगी प्रसन्न

कार्तिक पूर्णिमा में स्नान से लेकर रात तक करें ये काम, लक्ष्मी होंगी प्रसन्न

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 748 दिन 21 घंटे पूर्व
02/11/2017
नई दिल्ली (महामीडिया) कार्तिक पूर्णिमा का शास्त्रों में बहुत महत्व माना गया है। जो व्यक्ति इस दिन विधिपूर्वक पूजन करता है, उसके जीवन से सभी संतापों का अंत हो जाता है। जन्मकुंडली में जैसे भी दोष हों, उन्हें दूर करने के लिए ये दिन बहुत शुभ है। कार्तिक पूर्णिमा 4 नवंबर शनिवार को आ रही है। इस शुभ योग में शनि से संबंधित उपाय भी किए जा सकते हैं। इस दिन हरिद्वार में हरि की पौड़ी (हर की पौड़ी) और बनारस में गंगा घाट पर जाकर स्नान करने की महिमा है तथा गंगा माता का धूप, दीप, पुष्प, चन्दन, नेवैद्य आदि से पूजन करने का विधान है। जो लोग हरिद्वार नहीं जा सकते वह गंगा के किसी भी तटवर्ती क्षेत्र अथवा अपने घर में भी गंगा जल युक्त पानी में स्नान करके मंदिर में मां गंगा जी की प्रतिमा का विधिवत पूजन करके भी पुण्य लाभ पा सकते हैं।  शास्त्रानुसार जो लोग घर में ही गंगा स्नान करना चाहते हैं वह पहले बाल्टी में गंगा जल डाले तथा बाद में उस बाल्टी को जल से भर कर स्नान करे तो वह सारा जल गंगा जल के समान होगा। अर्थात गंगा में जो भी वस्तु गिरती है वह गंगा के समान ही पवित्र मानी जाती है। इस विधि से स्नान करने वाले को धन-धान्य, मान-प्रतिष्ठा आदि सभी सुख मिलेंगे। पूजन के साथ ही ओम नम: शिवाय और नारायण्यै दशहरायै गंगाये नम: मंत्र का जाप करें तथा हवन यज्ञ करके आहूतियां डाले, धरती पर गंगा को लाने वाले भागीरथ और जहां से वह आई हैं उस हिमालय के नाम का स्मरण करते हुए उनका भी विधिवत पूजन करें। श्रीसूक्त और लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ करके हवन करें, लक्ष्मी प्रसन्न होकर बरसाएंगी धन। शनि दोष से मुक्ति के लिए काले रंग की वस्तुओं का दान शाम 5 बजे के बाद निर्धन व्यक्ति को करें। सूर्यास्त के बाद तुलसी पर दीपदान करें और चार परिक्रमा करें। रात को चंद्रमा को अर्घ्य दें।
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