महामीडिया न्यूज सर्विस
स्वास्थ्य एक महत्वपूर्ण वैश्विक परिदृश्य

स्वास्थ्य एक महत्वपूर्ण वैश्विक परिदृश्य

admin | पोस्ट किया गया 607 दिन 6 घंटे पूर्व
23/12/2017
भोपाल (महामीडिया) राजकुमार शर्मा यूएचसी का ज्यादा जोर किसी देश के सभी लोगों क लिए स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के उदृेश्य से सार्वजनिक, निजी और संयुक्त क्षेत्रों से धन प्राप्त करने पर होता है, जबकि सबका स्वास्थ्य की अवधारणा में सभी के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए सार्वजनिक वित्तपोषण की बात होती है। साथ ही, यूएचसी बीमा कंपनियां बाजार में लेकिन कभी-कभी सार्वजनिक और निजी दोनों के जरिये एक पैकेज देती है, जबकि एचएफए विभिन्न प्रशासनिक स्तरों पर सरकारी सुविधाओं के जरिये लाभ मुहैया कराती है। एचएफए की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर ध्यान दें तो, संयुक्त राष्ट्र ने 1978 में अलमा अटा घोषणा-पत्र में सामुदायिक जरूरतों से प्रेरित एकता को बढ़ावा देने के उदृेश्य से सभी के लिए स्वास्थ्य हेतु एक व्यापक और समन्वित प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल की परिकल्पना की थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन के संविधान में कहा गया है कि, स्वास्थ्य, संतोषजनक स्थिति, जीवन स्तर, चिकित्सकीय देखभाल, बीमारी के मामले में सुरक्षा का अधिकार के साथ-साथ माताओं में सुरक्षा का अधिकार के साथ-साथ माताओं और बच्चों के लिए विशेष देखभाल व सहायता बहुत महत्वपूर्ण है और एचएफए के संदर्भ में उल्लेखनीय है। इसके अलावा यूडीएचआर के अनुच्छेद 3 में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि प्रत्येक व्यक्ति को जीवन, आजादी और सुरक्षा का अधिकार है। जाहिर तौर पर जीवन के अधिकार में भोजन और स्वास्थ्य का अधिकार शामिल है। इस प्रकार 1978 का अलमा अटा घोषणा यूडीएचआर और डब्ल्यूएचओ के संविधान के मुताबिक ही है। वास्तव में अलमा अटा में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल पर अंतर्राष्ट्रीय काॅन्फ्रेंस में सभी सरकारों, सभी स्वास्थ्य एवं विकास कर्मियों और वैश्विक समुदाय द्वारा विष्व के सभी लोगों के लिए स्वास्थ्य की सुरक्षा व इसे बढ़ावा देने हेतु तत्काल कार्रवाई की जरूरत की बात कही गई थी। इसके प्रमुख प्रस्ताव निम्नलिखित हैं- स्वास्थ्य, जो कि एक पूर्ण शारीरिक, मानसिक और सामाजिक सामंजस्य की अवस्था है, न कि केवल बीमारी या रुग्णता की अनुपस्थिति, एक मौलिक मानव अधिकार है और उच्चस्तरीय संभव स्वास्थ्य स्तर की प्राप्ति एक महत्वपूर्ण विश्वस्तरीय सामाजिक लक्ष्य है। विशेषकर विकसित और विकासशील देशों के बीच और देशों के भीतर राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक स्तर लोगों के स्वास्थ्य स्तर में उपलब्ध सकल असमानता अस्वीकार्य है। सभी के लिए स्वास्थ्य की पूर्ण प्राप्ति और विकासशील तथा विकसित देशों के बीच स्वास्थ्य स्थिति में अंतर को कम करने के लिए आर्थिक और सामाजिक विकास का बुनियादी महत्व है। लोगों का यह अधिकार और कर्तव्य है कि वे व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से अपने स्वास्थ्य के देखभाल की योजना और उसे लागू करने में शामिल हों। सरकार की जिम्मेदारी है कि नागरिकों के लिए उचित स्वास्थ्य की व्यवस्था वर्ष 2000 तक पूरा करे। प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल जो कि महत्वपूर्ण और जरूरी है, को समुदाय और देश द्वारा वहनीय दर पर उपलब्ध कराया जाए। प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल, प्रोत्साहक, निवारक, उपचारात्मक और पुनर्वास सेवाएं प्रदान करता है। यह समुदाय और व्यक्ति को अधिक से अधिक आत्मविश्वास के लिए प्रोत्साहित करता है तथा नियोजन, संगठन, संचालन और प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के नियंत्रण, स्थानीय, राष्ट्रीय एवं अन्य उपलब्ध संसाधनों का संपूर्ण उपयोग करने में भागीदारी के लिए उन्हें प्रोत्साहित करता है। व्यापक राष्ट्रीय स्वास्थ्य तंत्र के हिस्से के रूप में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल को लाॅन्च करने और उसे जारी रखने के लिए सभी सरकारों को राष्ट्रीय नीतियां, रणनीतियां व कार्य योजनाएं तैयार करनी चाहिए। चूंकि किसी एक देश में लोगों का पूर्ण रूप से स्वस्थ हो जाना, सीधे तौर पर प्रत्येक दूसरे राष्ट्र को प्रभावित और लाभान्वित करता है। इसलिए सभी लोगों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने हेतु सभी देशों को साझेदारी और सेवा की भावना से सहयोग करना चाहिए।

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