महामीडिया न्यूज सर्विस
>>
समाचार

  • व्यथा व्यर्थ है!

    भोपाल (महामीडिया) मानव जीवन क्या है? प्रश्न बहुत ही सरल है एवं स्पष्ट है किंतु इसका उत्तर खोजना अत्यंत जटिल है। भारतीय वैदिक संस्कृति इसे 'आनंद' कहती हैं जो कि बुद्ध के आगमन पर ?जीवन दु:ख है? में परिवर्तित हो गया और इससे बाहर आने के लिये उन्होंने अपने सूत्रों से परिचय कराया। मेरा मानना है कि जीवन आनंद है क्योंकि जीवन में हम जो कुछ भी करते हैं उस >>और पढ़ें

  • व्यथा व्यर्थ है!

    भोपाल (महामीडिया) मानव जीवन क्या है? प्रश्न बहुत ही सरल है एवं स्पष्ट है किंतु इसका उत्तर खोजना अत्यंत जटिल है। भारतीय वैदिक संस्कृति इसे 'आनंद' कहती हैं जो कि बुद्ध के आगमन पर ?जीवन दु:ख है? में परिवर्तित हो गया और इससे बाहर आने के लिये उन्होंने अपने सूत्रों से परिचय कराया। मेरा मानना है कि जीवन आनंद है क्योंकि जीवन में हम जो कुछ भी करते हैं उस >>और पढ़ें

  • व्यथा व्यर्थ है!

    भोपाल (महामीडिया) मानव जीवन क्या है? प्रश्न बहुत ही सरल है एवं स्पष्ट है किंतु इसका उत्तर खोजना अत्यंत जटिल है। भारतीय वैदिक संस्कृति इसे 'आनंद' कहती हैं जो कि बुद्ध के आगमन पर ?जीवन दु:ख है? में परिवर्तित हो गया और इससे बाहर आने के लिये उन्होंने अपने सूत्रों से परिचय कराया। मेरा मानना है कि जीवन आनंद है क्योंकि जीवन में हम जो कुछ भी करते हैं उस >>और पढ़ें

  • व्यथा व्यर्थ है!

    भोपाल (महामीडिया) मानव जीवन क्या है? प्रश्न बहुत ही सरल है एवं स्पष्ट है किंतु इसका उत्तर खोजना अत्यंत जटिल है। भारतीय वैदिक संस्कृति इसे 'आनंद' कहती हैं जो कि बुद्ध के आगमन पर ?जीवन दु:ख है? में परिवर्तित हो गया और इससे बाहर आने के लिये उन्होंने अपने सूत्रों से परिचय कराया। मेरा मानना है कि जीवन आनंद है क्योंकि जीवन में हम जो कुछ भी करते हैं उस >>और पढ़ें

  • व्यथा व्यर्थ है!

    भोपाल (महामीडिया) मानव जीवन क्या है? प्रश्न बहुत ही सरल है एवं स्पष्ट है किंतु इसका उत्तर खोजना अत्यंत जटिल है। भारतीय वैदिक संस्कृति इसे 'आनंद' कहती हैं जो कि बुद्ध के आगमन पर ?जीवन दु:ख है? में परिवर्तित हो गया और इससे बाहर आने के लिये उन्होंने अपने सूत्रों से परिचय कराया। मेरा मानना है कि जीवन आनंद है क्योंकि जीवन में हम जो कुछ भी करते हैं उस >>और पढ़ें

  • 'तमसो मा ज्योतिर्गमय'

    भोपाल (महामीडिया) उपनिषदों की आज्ञा है कि अन्धकार से प्रकाश की ओर चलो इसी आधार पर दीपोत्सव पर्व अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। यह सामाजिक एवं धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। अनेक शुभकारी मान्यताओं से परिपूर्ण है दीपावली। मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम के रावण वध एवं अयोध्या में उनके स्वागत पर्व के रूप में भी मनाया जाता है यह उत्&# >>और पढ़ें

  • 'तमसो मा ज्योतिर्गमय'

    भोपाल (महामीडिया) उपनिषदों की आज्ञा है कि अन्धकार से प्रकाश की ओर चलो इसी आधार पर दीपोत्सव पर्व अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। यह सामाजिक एवं धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। अनेक शुभकारी मान्यताओं से परिपूर्ण है दीपावली। मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम के रावण वध एवं अयोध्या में उनके स्वागत पर्व के रूप में भी मनाया जाता है यह उत्&# >>और पढ़ें

  • 'तमसो मा ज्योतिर्गमय'

    भोपाल (महामीडिया) उपनिषदों की आज्ञा है कि अन्धकार से प्रकाश की ओर चलो इसी आधार पर दीपोत्सव पर्व अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। यह सामाजिक एवं धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। अनेक शुभकारी मान्यताओं से परिपूर्ण है दीपावली। मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम के रावण वध एवं अयोध्या में उनके स्वागत पर्व के रूप में भी मनाया जाता है यह उत्&# >>और पढ़ें

  • 'तमसो मा ज्योतिर्गमय'

    भोपाल (महामीडिया) उपनिषदों की आज्ञा है कि अन्धकार से प्रकाश की ओर चलो इसी आधार पर दीपोत्सव पर्व अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। यह सामाजिक एवं धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। अनेक शुभकारी मान्यताओं से परिपूर्ण है दीपावली। मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम के रावण वध एवं अयोध्या में उनके स्वागत पर्व के रूप में भी मनाया जाता है यह उत्&# >>और पढ़ें

  • 'तमसो मा ज्योतिर्गमय'

    भोपाल (महामीडिया) उपनिषदों की आज्ञा है कि अन्धकार से प्रकाश की ओर चलो इसी आधार पर दीपोत्सव पर्व अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। यह सामाजिक एवं धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। अनेक शुभकारी मान्यताओं से परिपूर्ण है दीपावली। मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम के रावण वध एवं अयोध्या में उनके स्वागत पर्व के रूप में भी मनाया जाता है यह उत्&# >>और पढ़ें

  • प्रेम एवं सर्मपण

    भोपाल (महामीडिया) हम सब लोग सम्पूर्ण जीवन प्रतिदिन विभिन्न प्रकार कि परिस्थितियों का सामना करते हैं कुछ परिस्थितियां को मात्र अनदेखा कर उनसे बच लिया करते हैं, किंतु कभी-कभी कुछ परिस्थितियां ऐसी होती है जिससे हमें पार पाना आवश्यक होता है। ऐसे समय में हमें सदैव भगवान स्मरण होते हैं और भगवान की हि कृपा से हम उन समस्याओं से सकुशल निकल जाते &# >>और पढ़ें

  • प्रेम एवं सर्मपण

    भोपाल (महामीडिया) हम सब लोग सम्पूर्ण जीवन प्रतिदिन विभिन्न प्रकार कि परिस्थितियों का सामना करते हैं कुछ परिस्थितियां को मात्र अनदेखा कर उनसे बच लिया करते हैं, किंतु कभी-कभी कुछ परिस्थितियां ऐसी होती है जिससे हमें पार पाना आवश्यक होता है। ऐसे समय में हमें सदैव भगवान स्मरण होते हैं और भगवान की हि कृपा से हम उन समस्याओं से सकुशल निकल जाते &# >>और पढ़ें

  • प्रेम एवं सर्मपण

    भोपाल (महामीडिया) हम सब लोग सम्पूर्ण जीवन प्रतिदिन विभिन्न प्रकार कि परिस्थितियों का सामना करते हैं कुछ परिस्थितियां को मात्र अनदेखा कर उनसे बच लिया करते हैं, किंतु कभी-कभी कुछ परिस्थितियां ऐसी होती है जिससे हमें पार पाना आवश्यक होता है। ऐसे समय में हमें सदैव भगवान स्मरण होते हैं और भगवान की हि कृपा से हम उन समस्याओं से सकुशल निकल जाते &# >>और पढ़ें

  • प्रेम एवं सर्मपण

    भोपाल (महामीडिया) हम सब लोग सम्पूर्ण जीवन प्रतिदिन विभिन्न प्रकार कि परिस्थितियों का सामना करते हैं कुछ परिस्थितियां को मात्र अनदेखा कर उनसे बच लिया करते हैं, किंतु कभी-कभी कुछ परिस्थितियां ऐसी होती है जिससे हमें पार पाना आवश्यक होता है। ऐसे समय में हमें सदैव भगवान स्मरण होते हैं और भगवान की हि कृपा से हम उन समस्याओं से सकुशल निकल जाते &# >>और पढ़ें

  • प्रेम एवं सर्मपण

    भोपाल (महामीडिया) हम सब लोग सम्पूर्ण जीवन प्रतिदिन विभिन्न प्रकार कि परिस्थितियों का सामना करते हैं कुछ परिस्थितियां को मात्र अनदेखा कर उनसे बच लिया करते हैं, किंतु कभी-कभी कुछ परिस्थितियां ऐसी होती है जिससे हमें पार पाना आवश्यक होता है। ऐसे समय में हमें सदैव भगवान स्मरण होते हैं और भगवान की हि कृपा से हम उन समस्याओं से सकुशल निकल जाते &# >>और पढ़ें


नये चित्र

महर्षि विद्या मंदिर
महर्षि विद्या मंदिर
महर्षि विद्या मंदिर
महर्षि विद्या मंदिर
योग
योग
विराट जीत
विराट जीत
कुछ और चित्र
MAHA MEDIA NEWS SERVICES

Sarnath Complex 3rd Floor,
Front of Board Office, Shivaji Nagar, Bhopal
Madhya Pradesh, India

+91 755 4097200-16
Fax : +91 755 4000634

mmns.india@gmail.com
mmns.india@yahoo.in