महामीडिया न्यूज सर्विस
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समाचार

  • 21वीं सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण कल

    उज्जैन  (महामीडिया)  इस सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण शुक्रवार की रात को लगने वाला है। चंद्र ग्रहण 2018 के दौरान चंद्रमा पृथ्वी के साये में पूरी तरह करीब 1 घंटे 43 मिनट तक रहेगा। बता दें कि यह अवधि पूर्ण चंद्र ग्रहण की है। वैसे, चंद्र ग्रहण का कुल वक्त 6 घंटे से ज्यादा का है। अच्छी बात यह है कि चंद्र ग्रहण 2018 को भारत में भी देखा जा सकेगा। भारत में चंद्र ग&# >>और पढ़ें

  • श्री गुरू पूर्णिमा महोत्सव आज से भोपाल में

    भोपाल (महामीडिया) श्री गुरू पूर्णिमा महोत्सव एवं महर्षि विश्व शांति आंदोलन की दसवी वर्षगांठ 27 एवं 28 जुलाई को महर्षि उत्सव भवन, छान में मनाया जायेगा।
    इस कार्यक्रम में महर्षि संस्थान के साथ बड़ी संख्या में भोपाल के वरिष्ठ एवं गणमान्य नागरिक सम्मिलित होंगे। इस दो दिवसीय आयोजन में महर्षि विद्या मंदिर समूह के विद्यार्थियों द्वारा स&# >>और पढ़ें

  • सूतक काल में नहीं चढ़ेगी ओंकारेश्‍वर ज्‍योतिर्लिंग पर पूजन सामग्री

    ओंकारेश्वर (महामीडिया)              गुरुपूर्णिमा पर्व पर 27 जुलाई को दोपहर 2.55 बजे से चंद्रग्रहण का सूतक शुरू हो जाएगा जो रात्रि 11.54 बजे तक रहेगा। इसके पश्चात चंद्रग्रहण शुरू हो जाएगा। ग्रहण का मोक्ष रात्रि 3.50 बजे होगा। सूतक के दौरान ओंकारेश्वर मंदिर के पट तो खुले रहेंगे लेकिन श्रद्धालु पूजन सामग्री अर्पित नहीं कर सकेंगे। वे दूर से ही ओंकारेश्वर >>और पढ़ें

  • अज्ञानता से मुक्ति दिलाने का दिन होता है गुरु पूर्णिमा

    इंदौर (महामीडिया)  भारतीय परंपरा में गुरु की महिमा अपरंपार बताई गयी है। गुरु बिन, ज्ञान नहीं प्राप्त हो सकता है, गुरु बिन आत्मा भी मुक्ति नहीं पा सकती है। हमारे पौराणिक ग्रंथों ने गुरु को ईश्वर से भी ऊंचा स्थान दिया है। मान्यता है कि ईश्वर से श्रापित है यदि कोई तो उसे गुरु बचा सकता है, लेकिन यदि किसी को गुरु ने ही श्राप दे दिया हो उसे फिर ईश्व&# >>और पढ़ें

  • चमत्कारी है महामृत्युंजय मंत्र

    नई दिल्ली  (महामीडिया)   महामृत्युंजय मंत्र जपने से अकाल मृत्यु तो टलती ही है, आरोग्यता की भी प्राप्ति होती है। स्नान करते समय शरीर पर लोटे से पानी डालते वक्त इस मंत्र का जप करने से स्वास्थ्य-लाभ होता है।दूध में निहारते हुए इस मंत्र का जप किया जाए और फिर वह दूध पी लिया जाए तो यौवन की सुरक्षा में भी सहायता मिलती है। साथ ही इस मंत्र का जप करने ì >>और पढ़ें

  • 23 जुलाई को है देवशयनी एकादशी व्रत, चातुर्मास होंगे आरंभ

    भोपाल(महामीडिया)  हरिशयनी एकादशी, देवशयनी एकादशी, पद्मा एकादशी, पद्मनाभा एकादशी नाम से पुकारी जाने वाली एकादशी इस वर्ष 23 जुलाई 2018 को आ रही है। इस दिन से गृहस्थ लोगों के लिए चातुर्मास नियम प्रारंभ हो जाते हैं। जबकि संन्यासियों का चातुर्मास 27 जुलाई यानी गुरु पूर्णिमा के दिन से शुरू होगा।देवशयनी एकादशी नाम से ही स्पष्ट है कि इस दिन श्रीहरि श >>और पढ़ें

  • आज के शुभ मुहूर्त

    भोपाल  (महामीडिया ) आज आपका दिन मंगलमयी रहे, यही शुभकामना है। अगर आप आज वाहन खरीदने का विचार कर रहे हैं या आज कोई नया व्यापार आरंभ करने जा रहे हैं तो आज के शुभ मुहूर्त में ही कार्य करें ताकि आपके कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सकें।ज्योतिष एवं धर्म की दृष्टि से इन मुहूर्त का विशेष महत्व है। मुहूर्त और चौघड़िए के आधार पर आपके लिए प्रतिदिन के खास >>और पढ़ें

  • चंद्रग्रहण के कारण गुरुपूर्णिमा पर सिर्फ आधे दिन होगा गुरुपूजन

    जबलपुर (महामीडिया) गुरुपूर्णिमा पर इस बार चंद्रग्रहण का साया पड़ रहा है। खग्रास चंद्रग्रहण के कारण 27 जुलाई को आधे दिन ही शिष्य अपने गुरुजनों का पूजन कर सकेंगे। इसे लेकर मंदिरों एवं गुरुधामों में भी सुबह से दोपहर 2 बजे तक ही गुरुपूर्णिमा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। हालांकि इसके बाद भी शिष्य अपने गुरुजनों के दर्शन कर सकेंगे। ग्रहण रात 11.53 ब >>और पढ़ें

  • प्राकृतिक और आध्यात्मिक रूप से सबसे पवित्र माना जाता है पीपल का वृक्ष

    भोपाल (महामीडिया)  भारत में पेड़-पौधों की पूजा करना हमारी परंपरा का अंग रहा है. फिर भी कुछ वृक्षों की पूजा का खास महत्व है. इनमें पीपल का स्थान सबसे ऊपर है. यदि आध्यात्मि‍क रूप से देखें, तो इसे वृक्षों में सबसे अधिक पवित्र माना गया है. साथ ही पर्यावरण की रक्षा करने में इसका विशेष योगदान है। पीपल का वृक्ष हिन्दू धर्म में सबसे पवित्र माना जाता ह&# >>और पढ़ें

  • धार्मिक कार्य करने का आध्यात्मिक मास होता है पुरुषोत्तम मास

    भोपाल (महामीडिया) हिन्दू पंचांगों में बारह मास होते हैं. यह सूर्य की संक्रांति और चन्द्रमा पर आधारित होते हैं. हर वर्ष सूर्य और चन्द्र मास में लगभग 11 दिनों का अंतर आ जाता है. तीन वर्ष में यह अंतर लगभग एक माह का हो जाता है इसलिए हर तीसरे वर्ष अधिक मास आ जाता है. इसको लोकाचार में मलमास भी कहा जाता है. यह 16 मई से 13 जून तक रहेगा. धार्मिक कार्यों का किसी भी >>और पढ़ें

  • भावातीत ध्यान और विश्राम के स्तर

    भोपाल (महामीडिया) भावातीत ध्यान से साधक को स्वाभाविक रूप से स्वत: गहन विश्राम मिलता है यह अध्ययन डॉ. कीथ वालेस के प्रथम अध्ययन को पुष्ट करता है। इस अध्ययन में साधक की चयापचय गति (मेटाबोलिक रेट) निकालने के लिए साधक में आॅक्सीजन खपत की माप ध्यान पूर्व, ध्यान के समय तथा ध्यान के पश्चात् लिया गया। इन साधकों की औसत आयु 31 वर्ष थी और यह लोग लगभग 26 महीन >>और पढ़ें

  • "प्रत्येक मनुष्य ब्रह्म है, दलित कोई नहीं" - ब्रह्मचारी गिरीश जी

    भोपाल (महामीडिया) दिनांक 7.5.16. उज्जैन। महर्षि महेश योगी शिविर में ब्रह्मचारी गिरीश जी ने कहा कि "जो मानव शरीर लेकर जन्मा है वह ब्रह्म है, दलित कोई नहीं है, निहित सवार्थों के चलते ब्रह्म को दलित बताया जा रहा है। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में स्वयं कहा है कि चारों वर्ण उन्हीं की सृष्टि हैं जो गुण और कार्याें के अनुसार हैं। किसी भी मनुष्य या जाति को दलित क& >>और पढ़ें

  • चेतना समस्त सम्भावनाओं का क्षेत्र-ज्ञान, शक्ति और आनन्द का अनन्त सागर है

    भोपाल (महामीडिया) श्रीमद्भगवतगीता में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन के माध्यम से समस्त मानवता को देशकाल बन्धन से परे किये गये उपदेश में योगस्थः कुरूकर्माणि, योगः कर्मसुकौशलम्, सहजम् कर्मकौन्तेय, निस्त्रैगुण्यो भवार्जुन आदि अभिव्यक्तियों से गूढ़ रहस्य उद्घाटित कर दिये हैं। ध्यान देने की बात यह है कि भगवान के उपदेश में बौद्धिक स्तर से  >>और पढ़ें

  • सत्यमेवजयते बहुत महत्वपूर्ण सिद्धाँत

    भोपाल (महामीडिया) परम पूज्य महर्षि महेश योगी जी के प्रिय तपोनिष्ठ शिष्य ब्रह्मचारी गिरीश जी ने आज कहा कि "सत्यमेवजयते" एक बहुत बड़ा, महत्वपूर्ण और मूल्यवान सिद्धाँत है। जो मनुष्य अपनी दिनचर्या, जीवनचर्या सत्य पर आधारित रखेंगे उन्हें सदा विजय की प्राप्ति होगी, पराजय कभी नहीं देखनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि वैदिक वांगमय सत्य सम्बन्धी गाथा >>और पढ़ें

  • यज्ञ की प्रक्रिया अत्यन्त शुद्ध और विधान निश्चित हैं

    भोपाल (महामीडिया) गुरूदेव ब्रह्मानन्द सरस्वती आश्रम, भोपाल में वैदिक यज्ञाचार्यों से चर्चा के दौरान परमपूज्य महर्षि महेश योगी जी के प्रिय तपोनिष्ठ शिष्य ब्रह्मचारी गिरीश जी ने यज्ञों में शुद्धता पर बहुत जोर डाला। उन्होंने बताया कि "वैदिक ग्रन्थों में वर्णित वैदिक विधानों और प्रक्रियाओं के अनुसार ही यज्ञों का संपादन किया जाना चाì >>और पढ़ें


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