महामीडिया न्यूज सर्विस
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समाचार

  • शंकर का अद्वैत-एकात्म दर्शन

    भोपाल (महामीडिया)  धन्य है मध्यप्रदेश और उसका नगर ओंकारेश्वर जहां भारतीय अस्मिता और राष्ट्रीय चेतना के आधार स्तंभ, सांस्कृतिक एकता और मानव मात्र में एकात्मता के उद्घोषक, अद्वैतवाद के अजेय धर्म योद्धा ने दीक्षा प्राप्त की। विडम्बना है कि मानव समानता का शंकर का यह ब्रह्मज्ञान केवल दर्शन शास्त्र का विषय बना रहा और संयोग है कि शंक& >>और पढ़ें

  • दक्षिण भारत का सबसे बड़ा स्वर्ण मंदिर, लगा है 15 हजार किलो सोना

    चेन्नै (महामीडिया) स्वर्ण मंदिर का नाम आते ही दिमाग में पंजाब के स्वर्ण मंदिर की याद आ जाती है। मगर, यदि आपसे कहा जाए कि क्या आप दक्षिण भारत के स्वर्ण मंदिर को जानते हैं, तो शायद आपका जवाब न में होगा। तमिलनाडु के वेल्लोर नगर के मलाईकोड़ी पहाड़ों पर महालक्ष्मी मंदिर स्थित है।यह मंदिर 15 हजार किलो सोने से बना है। इसी वजह स >>और पढ़ें

  • मध्यप्रदेश सरकार की एकात्म यात्रा आज से

    भोपाल (महामीडिया) राजकुमार शर्मा आदि शंकराचार्य जी की 108 फीट की प्रतिमा और एकात्मकता की भावना के प्रसार के लिए जनगारण का अनूठा अभियान मध्यप्रदेश सरकार ने प्रारंभ किया है। इसका उद्देश्य अद्वैत वैदांत दर्शन में प्रतिपादित जीव, जगत एवं जगदीश के एकात्म बोध के प्रति जनजागरण। आदि गुरू शंकराचार्य के अनुलनीय योगदान के संê >>और पढ़ें

  • वर्ष 2018 में इन राशियों पर रहेगी शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या

    BHOPAL (महामीडिया)  शनि सौरमण्डल के सबसे धीमी गति से चलने वाला ग्रह हैं। यह एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करने में ढाई वर्ष का समय लेते हैं। गोचर करता हुए शनि जिस राशि में स्थित होते हैं, वह राशि एवं उससे दूसरी राशि और 12वीं राशि वाले जातक साढ़े साती के प्रभाव में होते हैं। साल 2018 में वृश्चिक (अंतिम चरण), धनु (द्वितीय चरण) और मकर राशि में (प्रê >>और पढ़ें

  • कलश यात्रा के साथ शुरू हुई सात दिवसीय भागवत कथा

    नैनी (महामीडिया) स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती चैरिटेबल ट्रस्ट और महर्षि विद्या मंदिर के संयुक्त तत्वाधान में मंगलवार को नैनी के अरैल स्थित महर्षि वेद विज्ञान पीठ में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ की शुरूआत हुई। कथा आयोजन से पहले कलश यात्रा निकाली गई। इसमें विशाल जनसमूह ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके बाद विधि विधान से व >>और पढ़ें

  • जीवन का प्रत्येक पल शुभता, दिव्यता और भगवदीय अनुग्रह से ओतप्रोत है

    भोपाल (महामीडिया) हर क्षण, हर पल एक भागवत मुहूर्त है। इस मुहूर्त में जो भी किया जाएगा वह शुभ ही होगा। अशुभ से बचें और जो भी शुभ है वह इसी क्षण, इसी पल पूरा करने का प्रयास करें। अब तक जो जीवन मिला है उस के लिए भगवान के प्रति कृतज्ञ रहें और किसी का जो भी ऋण है उससे उऋण हो जाएँ। अन्यथा फिर पता नहीं कब अवसर मिले या न मिले। प्रत्येक दिन प्रभु कृपा स >>और पढ़ें

  • भावातीत ध्यान सीखने हेतु महर्षि महेश योगी जी की दीक्षा-पद्धति

    भोपाल (महामीडिया) महर्षि महेश योगी जब भोपाल पधारे थे तो दो दिन तक उनका दीक्षा कार्यक्रम स्थानीय राधा टाकीज में सम्पन्न कराया गया था। दीक्षा लेने वालों में राजा से लेकर रंक तक के स्तर के सभी लोग थे। उनकी दीक्षा विधि अत्यंत मितव्ययी और सरल थी। एक नया रूमाल और एक मौसमी फल ले आइये। उनके द्वारा दिये गये मंत्र से दीक्षा सम्पन्न हो जाती थी। किंê >>और पढ़ें

  • योग जीवनसत्ता के मूल में पहुंचने का माध्यम है

    भोपाल (महामीडिया) 
    तपस्विभ्योऽधिको योगी
    ज्ञानिभ्योऽपि मतोऽधिकः
    कर्मिभ्यश्चाधिको योगी
    तस्माद्योगी भवार्जुन ॥
    उक्त श्लोक का अर्थ हैः तपस्वियों, ज्ञानियों और सकाम कर्मियों से भी श्रेष्ठ है योगी। अतः हे अर्जुन तुम योगी हो। सहस्राब्दियों पूर्व योगिराज श्रीकृष्ण और तत्कालीन सर्वश्रे >>और पढ़ें

  • योग जीवनसत्ता के मूल में पहुंचने का माध्यम है

    भोपाल (महामीडिया)                     
    तपस्विभ्योऽधिको योगी
    ज्ञानिभ्योऽपि मतोऽधिकः
    कर्मिभ्यश्चाधिको योगी
    तस्माद्योगी भवार्जुन ॥
    उक्त श्लोक का अर्थ हैः तपस्वियों, ज्ञानियों और सकाम कर्मियों से भी श्रेष्ठ है योगी। अतः हे अर्जुन तुम योगी हो। सहस्राब्दियों पूर्व योगिराज श्रीकृष्ण और त >>और पढ़ें

  • भावातीत ध्यान के द्वारा आनंद चेतना करती है कायाकल्प

    भोपाल (महामीडिया)  क्या हम अपना जीवन ज्ञान यज्ञ और प्रेमयज्ञ की दोनों विधियों से नहीं जी सकते? ब्रह्म से दुःखों की निवृत्ति नहीं होती, ब्रह्मानुभूति से अवश्य हो जाती है। इसी प्रकार कर्म तो श्वास-प्रतिश्वास में है किंतु गीता में भगवान कृष्ण कहते हैं सहजं कर्मकौन्तेय। फिर रामचरितमानस में वही बात प्रकारान्तर से सिक्के के दूसरे पह& >>और पढ़ें

  • भावातीत ध्यान के द्वारा आनंद चेतना करती है कायाकल्प

    भोपाल (महामीडिया)  क्या हम अपना जीवन ज्ञान यज्ञ और प्रेमयज्ञ की दोनों विधियों से नहीं जी सकते? ब्रह्म से दुःखों की निवृत्ति नहीं होती, ब्रह्मानुभूति से अवश्य हो जाती है। इसी प्रकार कर्म तो श्वास-प्रतिश्वास में है किंतु गीता में भगवान कृष्ण कहते हैं सहजं कर्मकौन्तेय। फिर रामचरितमानस में वही बात प्रकारान्तर से सिक्क >>और पढ़ें

  • गीता भी कहती है कि कर्म निष्काम भाव से ही करना चाहिए

    भोपाल (महामीडिया) भगवान प्रजापति कर्म- जो भी हम शरीर से, हाथ पैरों से, मन, बुद्धि आदि से काम करते है उसे काम, कर्म, कार्य कहते है। सकाम भाव से काम का फल सही नहीं होता है। परन्तु हम कहते है कर्म निष्काम भाव से हो ही नहीं सकता, हम जब भी कोई काम शुरु करते है फल की कामना उसे पहले आ जाती है। वैसे काम करते समय किसी से प्रकार के फल प्राê >>और पढ़ें

  • महामृत्युंजय मंत्र की रचना कैसे हुई?

    भोपाल (महामीडिया) आचार्य मनीष द्विवेदी  शिवजी के अनन्य भक्त मृकण्ड ऋषि संतानहीन होने के कारण दुखी थे. विधाता ने उन्हें संतान योग नहीं दिया था. मृकण्ड ने सोचा कि महादेव संसार के सारे विधान बदल सकते हैं. इसलिए क्यों न भोलेनाथ को प्रसन्नकर यह विधान बदलवाया जाए. मृकण्ड ने घोर तप किया. भोलेनाथ मृकण्ड के तप का कारण जानते थे इस >>और पढ़ें

  • भावातीत ध्यान, ज्ञान का भंडार- ब्रह्म‌चारी गिरीश

    भोपाल (महामीडिया) महर्षि महेश योगी द्व‌ारा प्रणीत भावातीत ध्यान, ज्ञान, शक्ति और आनंद का भंडार है। यह विचार महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय समूह के अध्यक्ष ब्रह्म‌चारी गिरीश जी ने व्यक्त किए। वे सोमवार को महर्षि वैदिक जीवन प्रशिक्षण के दस दिवसीय कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों को वैदिक जीवन पद्धति  >>और पढ़ें

  • भावातीत ध्यान, ज्ञान का भंडार- ब्रह्म‌चारी गिरीश

    भोपाल (महामीडिया) महर्षि महेश योगी द्व‌ारा प्रणीत भावातीत ध्यान, ज्ञान, शक्ति और आनंद का भंडार है। यह विचार महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय समूह के अध्यक्ष ब्रह्म‌चारी गिरीश जी ने व्यक्त किए। वे सोमवार को महर्षि वैदिक जीवन प्रशिक्षण के दस दिवसीय कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों को वैदिक जीवन प >>और पढ़ें


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