महामीडिया न्यूज सर्विस
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समाचार

  • आज है तिल द्वादशी

    नई दिल्ली (महामीडिया) आज तिल द्वादशी है। तिल द्वादशी पर विशेष संयोग बना है। इस दिन दान और स्नान का विशेष महत्व है। तिल में लक्ष्मी जी का वास होता है। तिल, अन्न, उड़द की दाल, चावल, पापड़, घी, गुड़, नमक, कम्बल, ऊनी वस्त्र का दान करना बहुत ही उत्तम माना जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करना चाहिये तथा सूर्य को अर्ध देना चाहिए।
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  • आज है जया एकादशी

    भोपाल (महामीडिया) आज जया एकादशी है। माघ मास के शुक्ल पक्ष में जया एकादशी आती है। इसे अजा एकादशी भी कहते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार एक बार धर्मराज युधिष्ठिर ने भगवान श्री कृष्ण से पूछा कि माघ शुक्ल एकादशी को किसकी पूजा करनी चाहिए, तथा इसका क्या महत्व है। तब भगवान कृष्ण ने बताया कि इस एकादशी को जया एकादशी कहते हैं औश्र ये बहुत ही पुण्य >>और पढ़ें

  • कल है तिल द्वादशी

    नई दिल्ली (महामीडिया) कल तिल द्वादशी है। तिल द्वादशी पर विशेष संयोग बना है। इस दिन दान और स्नान का विशेष महत्व है। तिल में लक्ष्मी जी का वास होता है। तिल, अन्न, उड़द की दाल, चावल, पापड़, घी, गुड़, नमक, कम्बल, ऊनी वस्त्र का दान करना बहुत ही उत्तम माना जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करना चाहिये तथा सूर्य को अर्ध देना चाहिए।
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  • आज भीष्म अष्टमी है

    भोपाल (महामीडिया) आज भीष्म अष्टमी है। माघ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को भीष्म अष्टमी कहते हैं। इस तिथि पर व्रत करने का विशेष महत्व है। धर्म शास्त्रों के अनुसार, इस दिन भीष्म पितामह ने सूर्य के उत्तरायण होने पर अपने प्राण त्यागे थे। उनकी स्मृति में यह व्रत किया जाता है। इस दिन प्रत्येक हिंदू को भीष्म पितामह के निमित्त कुश, तिल व जल लेकर तरî >>और पढ़ें

  • कुंभः बसंत पंचमी पर दिन भर डुबकी लगाई लाखों श्रद्धालुओं ने

    प्रयागराज (महामीडिया) बसंत पंचमी पर कुंभ के तीसरे 'शाही स्नान' में दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में डुबकी लगाई है। संतों द्वारा पवित्र स्नान के बाद श्रद्धालुओं द्वारा दिन भर पवित्र गंगा नदी में डुबकी लगाई। डुबकी लगाने का सिलसिला दिनभर चलता रहा। कुंभ के तीसरे शाही स्नान के दिन आठ किमी क्षेत्र में फैले 40 घाटों पर श्रद्धाल >>और पढ़ें

  • फूलों के रास्ते धरती पर उतरा बसंत

    भोपाल (महामीडिया) बसंत ऋतु का आज से आगमन हो गया है। ऋतुराज के स्वागत के लिये प्रकृति में चारों ओर पीले रंग की चादर बिछ गई है। आम के पेड़ों पर नए बौर आ गये हैं। खेतो में सरसों, जौ और गेहूँ की बालियाँ लहलहा रही है। फूलों पर तितलियां और भौरें मंडराने लगे हैं। सचमुच प्रकृति पीताम्बरी हो गई है। मान्यता है कि इस दिन माता सरस्वती का जन्म हुआ था इसलिए >>और पढ़ें

  • प्रयागराज कुंभ में अब तक सात अखाड़ों संग 60 लाख श्रद्धालुओं ने किया शाही स्नान

    प्रयागराज (इलाहाबाद) वसंत पंचमी के पवित्र अवसर पर कुंभ मेले के आज अंतिम शाही स्नान पर्व पर मध्यरात्रि से श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में स्नान शुरू कर दिया। शाही स्नान के लिए सुबह सबसे पहले श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी और श्री पंचायती अटल अखाड़ा अपने शिविर से निकले। हर-हर महादेव, जय श्रीराम के उद्घोष के साथ दोनों अखाड़ों के संत कतारबद >>और पढ़ें

  • आज से ऋतुराज बसंत का आगमन

     नई दिल्ली (महामीडिया) आज से ऋतुराज बसंत का आगमन शुरू हो गया है। पौराणिक मान्यता है कि इस दिन से सर्दी के महीने का अंत हो जाता है। इस दिन लोग पीले रंग के कपड़े पहनते है। पीले रंग को बसंत की प्रतीक माना जाता है. बसंत पंचमी के दिन सूर्य उत्तरायण होता है, जिसकी पीली किरणें इस बात का प्रतीक है कि सूर्य की तरह गंभीर और प्रखर बनना चाहिए। बंसत ऋतु को सभ >>और पढ़ें

  • ज्ञान और बुद्ध‌ि की देवी हैं मां सरस्वती

    भोपाल (महामीडिया) माघ शुक्ल पंचमी को ज्ञान और बुद्ध‌ि की देवी मां सरस्वती के प्राकट्य दिवस को वसंत पंचमी के रुप में मनाया जाता है। बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा का विशेष महत्‍व माना जाता है। मां सरस्वती ब्रह्मा जी की पुत्री मानी जाती हैं। मां सरस्वती विद्या तथा बुद्धि की देवी हैं। इनकी पूजा से हर प्रकार का ज्ञान, कला, संगीत और वाणी >>और पढ़ें

  • आज है तिलकुंद चतुर्थी

    नई दिल्ली (महामीडिया) आज तिलकुंद चतुर्थी है। तिलकुंद चतुर्थी को विनायकी चतुर्थी और वरद चतुर्थी भी कहते हैं। हर वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को तिलकुंद चतुर्थी का व्रत किया जाता है। इस दिन भगवान श्रीगणेश व चंद्रमा की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन दान का भी विशेष महत्व है। यह व्रत मानसिक शांति और घर में खुशहाली के लिये किया जाता ह >>और पढ़ें

  • बसंत पंचमी से शुरू होगा ब्रज में 50 दिन तक चलने वाला रंगोत्सव

    मथुरा(महामीडिया)भारत तथा विभिन्न देशों में मनाया जाने वाला रंगों-उमंगों का त्यौहार रंगोत्सव ब्रज में बसंत पंचमी के दिन से शुरू हो जाएगा और अगले पचास दिन तक विभिन्न रूपों में इसकी धूम रहेगी. ब्रज में बसंत पंचमी के दिन मंदिरों में ठाकुरजी को गुलाल अर्पण कर, रसिया, धमार आदि होली गीतों का गायन प्रारम्भ हो जाता है और मंदिरों में दर्शन के लिए आ >>और पढ़ें

  • बसंत पंचमी का पावन पर्व 10 फरवरी को

    नई दिल्ली (महामीडिया)  माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार यह पावन पर्व 10 फरवरी को मनाया जाएगा। कुछ जगहों पर यह मतांतर से 9 फरवरी को मनाई जाएगी। नौ तारीख को पंचमी तिथि दोपहर 12.25 मिनट से लग रही है और यह 10 तारीख को दोपहर में 2.09 मिनट तक रहेगी।कोई भी त्योहार उदया तिथि से मनाया जाता है। ऐसे में नौ तारीख की सुबह चतुर्थी तिथि र >>और पढ़ें

  • आज से प्रारंभ हो रहे हैं गुप्त नवरात्र

    भोपाल (महामीडिया) आज से साल के पहले गुप्त नवरात्र प्रांरभ हो रहे हैं। गुप्त नवरात्रियों का महत्व चैत्र और शारदीय नवरात्रियों से भी अधिक हैं क्योंकि इनमें देवी अपने पूर्ण स्वरूप में विद्यमान रहती हैं जो प्रकट रूप में नहीं होता है। गुप्त नवरात्रि आज से प्रारंभ हो रही है, जो माघ शुक्ल नवमी 14 फरवरी को पूर्ण होगी। इस बार गुप्त नवरात्रि 10 दिनोæ >>और पढ़ें

  • कुंभ में मौनी अमावस्या पर लाखों लोगों ने डुबकी लगाई

    प्रयागराज (महामीडिया) मौनी अमावस्या पर प्रयागराज कुंभ में श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा है। मौनी अमावस्या पर संगम किनारे अभी तक 2 करोड़ से अधिक लोगों ने गंगा स्नान कर लिया है। सबसे बड़ा पंचदशनाम जूना अखाड़ा के संतों ने संगम में लगाई डुबकी। इन्हीं के साथ आवाहन और अग्नी अखाड़े के संत भी संगम पर डुबकी लगाने पहुंचे। अखाड़ों में बनाए è >>और पढ़ें

  • आज है मौनी अमावस्या

    प्रयागराज (महामीडिया) आज मौनी अमावस्या है जो कि साल की महत्वपूर्ण अमावस्याओं में से एक है। इस दिन गंगा में स्नान करना और उपवास रखना बहुत शुभ माना जाता है। मौनी अमावस्या जिसे माघ अमावस्या के रूप में भी जाना जाता है, माघ महीने की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है। जिसका धार्मिक रूप से बहुत खास महत्व है। पौराणिक कथाओं के अनुसार मौनी अमावस्या पर >>और पढ़ें


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