महामीडिया न्यूज सर्विस
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समाचार

  • कार्तिक पूर्णिमा आज

    भोपाल (महामीडिया) कार्तिक पूर्णिमा मंगलवार यानी आज है। इसी दिन गुरु नानक जयन्ती भी है।इस दिन भगवान विष्णु का व्रत, दान व पूजन का विधान है। कार्तिक पूर्णिमा को गंगा स्नान एवं तीर्थ स्थान पर स्नान दान का बड़ा महत्व है। आज के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने और गंगा स्नान कर दान करने से अनन्त पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
    पौराणिक महत्व: स् >>और पढ़ें

  • कार्तिक पूर्णिमा पर हरिद्वार में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

    हरिद्वार (महामीडिया) कार्तिक शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा का स्नान आज है। गंगा में डुबकी लगाने के लिए देश के कईं जगहों से श्रद्धालु धर्मनगरी पहुंचे हैं। यह स्नान वर्ष का अंतिम स्नान पर्व है। इस बार कार्तिक पूर्णिमा का स्नान मुसल योग और भरणी नक्षत्र में हो रहा है। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने के लिए हरिद्वार में उमड़ा श्रद्धालुओं का é >>और पढ़ें

  • कार्तिक पूर्णिमा और देव दीपावली आज

    वाराणसी (महामीडिया) आज पूरी काशी देव-दीपावली के रंग में रंग गई है। यह पर्व दीपावली के पंद्रह दिन बाद मनाया जाता है, ऐसा माना जाता है कि आज के दिन देवतागण गंगा घाट पर दिवाली मनाने आते हैं। कहा जाता है कि आज के दिन त्रिपुरासुर दानव शिव द्वारा मारा गया था इसलिए ये दिन भगवान शिव के विजयी दिवस के रूप नामित किया गया है इसलिए आज सारे देवतागण भगवान भो& >>और पढ़ें

  • गुरुनानक देव की 550वीं जयंती आज

    भोपाल (महामीडिया) आज सिख धर्म के संस्थापक गुरुनानक देव की जयंती है। ये नानक देव की 550वीं जयंती है। उनके जीवन के कई ऐसे किस्से हैं, जिनसे हमें सुखी और सफल जीवन की सीख मिलती है। यहां जानिए एक ऐसे प्रसंग, जिसमें गुरुनानक ने ईमानदारी काम करने की सीख है...चर्चित प्रसंग के अनुसार एक बार गुरुनानक देव एक गांव गए, वे वहां कुछ दिन के लिए रुक गए। ये बात आसपा&# >>और पढ़ें

  • कार्तिक पूर्णिमा को दीपदान करने से अक्षय पुण्यफलों की प्राप्ति होती है

    भोपाल (महामीडिया) कार्तिक माह का समापन कार्तिक पूर्णिमा के साथ 12 नवंबर 2019 को हो जाएगा। इस माह में दान, धर्म, जप, तप, दीपदान, व्रत आदि करने का बड़ा पुणयफल माना गया है। शास्त्रों का कथन है कि रोगी, वृद्ध, बालक या किसी कार्य से नगर के बाहर जाने वाले लोग यदि पूरे कार्तिक माह व्रतादि ना कर पाएं तो वे इस माह के अंतिम दिन यानी कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा मे >>और पढ़ें

  • विष्णु ने दिया था तुलसी को वरदान

    भोपाल [ महामीडिया ]शास्त्रोक्त मान्यता है भगवान विष्णु और उनके अवतार श्रीकृष्ण को तुलसी समर्पित करने से वे अति प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाओं को पूर्ण कर देते हैं। मान्यता है कि रोजाना तुलसी को एक लोटा जल चढ़ाने से सभी कष्टों का नाश होता है और जीवन में समृद्धि आती है।पौराणिक कथा के अनुसार एक समय राक्षस कुल में एक अत्यंत सु&# >>और पढ़ें

  • देवउठनी एकादशी को होता है तुलसी विवाह

    भोपाल (महामीडिया) कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी कहा जाता है। देवउठनी एकादशी कल है। देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी और शालीग्राम का विवाह कराया जाता है। यह विवाह एक आम विवाह की तरह होता है जिसमें शादी की सारी रस्में निभाई जाती हैं। बारात से लेकर विदाई तक सभी रस्में होती हैं। 
    पूजा विधि:
    सबसे पहले तुलसी के >>और पढ़ें

  • कल देवउठनी एकादशी है

    भोपाल (महामीडिया) कल देव प्रबोधिनी एकादशी पर देवगणों के जागने की परंपरा निभाई जाएगी। इसी दिन से विवाह समेत सभी शुभ कार्यों की शुरुआत होगी। एकादशी तिथि पर भगवान शालिग्राम एवं तुलसी माता का घर-घर में विवाह कराया जाएगा। इसके बाद ही विवाह योग्य युवक-युवतियों के विवाह की शहनाई, बैंड बाजे बजने लगेंगे। 
    कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकì >>और पढ़ें

  • 8 नवंबर को है प्रबोधिनी एकादशी

    भोपाल (महामीडिया) 8 नवंबर को पड़ रही देव प्रबोधिनी एकादशी पर देवगणों के जागने की परंपरा निभाई जाएगी। इसी दिन से विवाह समेत सभी शुभ कार्यों की शुरुआत होगी। एकादशी तिथि पर भगवान शालिग्राम एवं तुलसी माता का घर-घर में विवाह कराया जाएगा। इसके बाद ही विवाह योग्य युवक-युवतियों के विवाह की शहनाई, बैंड बाजे बजने लगेंगे। 
    कार्तिक मास की शुक् >>और पढ़ें

  • भगवान विष्णु के जागने का दिन "देवउठनी एकादशी"

    भोपाल (महामीडिया) चार माह की योग निद्रा से भगवान विष्णु के जागने का दिन होता है देवउठनी एकादशी। इसे देवोत्थान एकादशी या देवप्रबोधिनी एकादशी भी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के जागते ही चातुर्मास का समापन होता है और इसके चार दिन बाद बैकुंठ चतुर्दशी के दिन हरिहर मिलन होता है। यानी उस दिन भगवान शिव सृष्टि का कार्यभार पुनः भगवान विष्णु  >>और पढ़ें

  • आंवले के वृक्ष की पूजा से ये वरदान मिलते हैं

    भोपाल (महामीडिया) सनातन संस्कृति में प्रकृति पूजा को काफी महत्व दिया गया है। विभिन्न मासों में वृक्षों और वनस्पतियों की पूजा का प्रावधान किया गया है। नदियों, पर्वतों और पाषाणों की पूजा का विधान कर प्रकृति से नजदीकी और उसका आभार व्यक्त किया जाता है। प्राचीन धर्मशास्त्रों में पीपल, बरगद, आंवला, अशोक, हारश्रंगार तुलसी आदि पौधों की पूजा औ >>और पढ़ें

  • आज अक्षय नवमी है

    भोपाल (महामीडिया) आज आंवला नवमी है। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की नवमी को आंवला नवमी मनाई जाती है, इसे अक्षय नवमी भी कहा जाता है। इस दिन महिलाएं आंवला के पेड़ के नीचे बैठकर संतान की प्राप्ति व उसकी रक्षा के लिए पूजा करती हैं। वैसे तो पूरे कार्तिक मास में पवित्र नदियों में स्नान का माहात्म्य है, परंतु नवमी को स्नान करने से अक्षय पुण्य होता है >>और पढ़ें

  • 8 नवंबर को मनाया जायेगा तुलसी विवाह का त्योहार

    भोपाल (महामीडिया) हिंदू धर्म में तुलसी पूजा को काफी महत्वपूर्ण बताया गया है। माना जाता है कि जिस घर में तुलसी की पूजा होती है, वहां तुलसी का वास होता है और परिवार की सुख समृद्धि बनी रहती है। कार्तिक माह की एकादशी को तुलसी विवाह का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष तुलसी विवाह की खास पूजा 8 नवंबर को की जाएगी। ऐसी मान्यता है कि देवउठनी एकादशी पर मनाए ज&# >>और पढ़ें

  • छठ मैय्या को अत्यंत प्रिय हैं चावल के लड्‍डू

    नई दिल्ली [ महामीडिया ] छठ मैय्या को अत्यंत प्रिय हैं चावल के लड्‍डू ।500 ग्राम चावल आटा, 100 ग्राम घी, 100 ग्राम रवा, 400 ग्राम शकर, 50 ग्राम दूध, 50 ग्राम मेवे की कतरन, आधा चम्मच इलायची पावडर, पाव चम्मच केवड़ा एसेंस। विधि -सबसे पहले एक कड़ाही में घी डालकर चावल का आटा हल्का गुलाबी होने तक सेंक लें, फिर रवा भी इसी प्रकार सेंक लें। दोनों को थाली में डालकर अच्छी तरह मि >>और पढ़ें

  • मांगलिक कार्य प्रारंभ होने का दिन "देवउठनी एकादशी"

    भोपाल (महामीडिया) देवउठनी एकादशी से सभी मांगलिक कार्य प्रारंभ हो जाते हैं। माना जाता है कि इस दिन सभी देवता अपनी योग निद्रा से जग जाते हैं। देवउठनी एकादशी कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को आती है। इस साल ये तिथि 8 नवंबर को पड़ रही है। इस एकादशी को हरिप्रबोधिनी एकादशी, देवोत्थान एकादशी और देव उठनी ग्यारस के नाम से भी जाना जाता है।  >>और पढ़ें


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