आज सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या है

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भोपाल (महामीडिया) आज सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या है। जिन लोगों को अपने पितरों के श्राद्ध का दिन पता नहीं होता वह सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या के दिन अपने पितरों का श्राद्ध कर सकते हैं। इसके लिए हमारे पुराणों में सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या का दिन निश्चित किया गया है। सुबह उठकर नहाएं, उसके बाद पूरे घर की सफाई कर घर में गंगाजल और गौमूत्र भी छीड़कें। दक्षिण दिशा में मुंह रखकर बांए पैर को मोड़कर, बांए घुटने को जमीन पर टीका कर बैठ जाएं। इसके बाद तांबे के चौड़े बर्तन में काले तिल, गाय का कच्चा दूध, गंगाजल और पानी डालें। उस जल को दोनों हाथों में भरकर सीधे हाथ के अंगूठे से उसी बर्तन में गिराएं। इस तरह 11 बार करते हुए पितरों का ध्यान करें। घर के आंगन में रंगोली बनाएं। पितरों के निमित्त अग्नि में गाय के दूध से बनी खीर अर्पण करें। ब्राह्मण भोजन से पहले पंचबलि यानी गाय, कुत्ते, कौए, देवता और चींटी के लिए भोजन सामग्री पत्ते पर निकालें। श्राद्ध में सफेद फूलों का ही उपयोग करें। श्राद्ध करने के लिए दूध, गंगाजल, शहद, सफेद कपड़े, अभिजित मुहूर्त और तिल मुख्य रूप से जरूरी है। ब्राह्मण को भोजन करवाएं।