मप्र सरकार इस माह दूसरी बार लेगी एक हजार करोड़ का कर्ज

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भोपाल (महामीडिया) मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार वित्तीय स्थिति ठीक नहीं चल रही है। सरकार को जरूरी खर्चों को भी चलाने के लिये बाजार से कर्ज लेना पड़ रहा है। इसी माह में दूसरी बार प्रदेश सरकार बाजार से लगभग 1 हजार करोड़ का कर्ज लेने जा रही है। दरअसल इस माह निर्माण कार्य से जुड़े विभागों को राशि आवंटित करना है। यह इसलिये कि कई जरुरी निर्माण कार्य बारिश से पहले कराने का दबाव लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग पर अधिक है। इसी कारण इन विभागों से से राशि की मांग लगातार आ रही है। बताया जा रहा है कि लोक निर्माण विभाग में ही 150 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान अटके पड़े हैं। भुगतान नहीं होने से ठेकेदारों ने नये निर्माण कार्यों को रफ्तार नहीं दे पा रहे हैं। वहीं कुछ मामलों में तो काम ही रोक दिया गया है। इधर कर्मचारियों को 3 फीसदी डीए का आदेश जारी होने के बाद एक बार फिर सरकार के खजाने पर दबाव बढ़ गया है। ऐसे में अब सरकार के पास नगदी की समस्या से निजात पाने के लिये कर्ज लेने का ही विकल्प बचा है।