बिहार में लालू प्रसाद की पार्टी का धूमिल होना शुरू

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पटना (महामीडिया) बिहार में कभी दूसरे दलों को तोड़कर अपने में मिलने वाला आरजेडी आज नेता विहीन हो गया है। आरजेडी को इस लोकसभा चुनाव में इतना बडा झटका लगा कि वो शून्य पर आउट होकर पवेलियन लौट गई है। इस हार के बाद बजाए पार्टी संभालने के पार्टी के नेतृत्वकर्ता एक महीने के लिए गायब हो गए। पार्टी के किसी नेता को प्रतिपक्ष के नेता के बारे में कोई जानकारी नहीं रही। लालू प्रसाद यादव के चारा घोटाले में जेल में रहने की वजह से पार्टी पहले से ही कमजोर होने लगी थी लेकिन लोकसभा चुनाव और उसके बाद तेजस्वी यादव का यह रूख पार्टी के विधायकों को बिल्कुल रास नहीं आ रहा है। चमकी बुखार जैसे बडे मद्दे पर विपक्ष सरकार को घेरने में नाकाम रही है तो इसके पीछे नेतृत्व की नाकामी ही कही जायेगी।
'लालू-राबड़ी मोर्चा' के बाद अब तेज प्रताप यादव ने 'तेज सेना' बना ली है। हालांकि तेज प्रताप अपने इस सेना के जरिए क्या करेंगे यह स्पष्ट नहीं है। इसके अलावा यह बात भी साफ नहीं है कि तेज सेना आरजेडी से अलग होगी या फिर उससे जुड़ी रहेगी। तेज प्रताप ने इसके पहले 'यदुवंशी सेना' बनाई है, जिसके वे राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. बिहार में 12 फीसदी यादव समुदाय की आबादी है। इसके जरिए उन्होंने यादव समुदाय के युवाओं को अपने साथ जोड़ा था।
फिलहाल तेजस्वी यादव लौट आये हैं। तेजस्वी यादव ने आज अपने ट्विटर अकाउंट पर कई ट्वीट कर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई और इतने दिनों तक कहां गायब थे, इसकी वजह भी बताई। तेजस्वी यादव ने अपने ट्वीट में कहा कि वह अपना इलाज करा रहे थे।