बारिश के मौसम में 'डेंगू' से रहें सावधान

www.mahamediaonline.comकॉपीराइट © 2014 महा मीडिया न्यूज सर्विस प्राइवेट लिमिटेड

भोपाल (महामीडिया) जब भी मौसम में बदलाव होता है तो कई तरह की बीमारियां भी उभरकर सामने आना शुरू हो जाती हैं। अब गर्मियों का मौसम लगभग समाप्ति की ओर है और बरसात का मौसम शुरू हो चुका है। ऐसे में नमी की अधिकता तरह-तरह की बीमारियों को भी आमंत्रित करने लगती हैं साथ ही तरह-तरह के कीटाणुओं को बढ़ने में मदद करती है। जो कि हमें प्रभावित करते हैं। इन्ही में से एक संक्रमण डेंगू का है जो कि बरसात के आते ही सक्रिय हो जाता है। डेंगू का वायरस मच्‍छरों के काटने से फैलता है। डेंगू एक संक्रामक रोग है और यह बीमारी जानलेवा भी हो सकती है। डेंगू से सुरक्षित रहने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने चाहिए। डेंगू से बचने का एकमात्र उपाय, मच्‍छरों से बचना है। एडीज एजिप्‍टी मच्‍छर दिन के समय संक्रमण फैलाते हैं। इनका जन्‍म आमतौर पर जमा पानी वाले स्‍थानों पर होता है। इसलिए घर के अंदर और आस-पास स्थिर पानी को साफ करना बहुत महत्‍वपूर्ण होता है। इसके अलावा कूलर, गमले आदि में पानी जमा न रहने दें। घर में मच्‍छरों के अधिक होने पर सोने के लिए आपको हर रात मच्‍छरदानी का इस्‍तेमाल जरूर करना चाहिए। इस बीमारी में बुखार से छुटकारा पाना आसान नहीं होता। इस दौरान मरीज के जोड़ों में दर्द और सिर में भी दर्द रहता है। साथ ही प्लेटलेट्स काफी कम हो जाते हैं। हमारे घर में भी कुछ ऐसी असरदार चीजें मौजूद हैं जो इस बीमारी से लड़ने में हमारी मदद कर सकती हैं। डेंगू के बुखार से राहत पाने के लिए नारियल पानी खूब पिएं। इसमें मौजूद जरूरी पोषक तत्व जैसे मिनरल्स और एलेक्‍ट्रोलाइट्स शरीर को मजबूत बनाने में मदद करता है। तुलसी के पत्तों को गर्म पानी में उबाल लें और फिर इस पानी को पिएं। ऐसा करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है। इसे दिन में चार बार पी सकते हैं। डेंगू बुखार में मेथी की पत्तियां उबालकर चाय बनाकर पिएं। ऐसा करने से शरीर के विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं और डेंगू का वायरस दूर होता है। पपीते के पत्ते भी काफी असरदार हैं। इसमें मौजूद पपेन शरीर के पाचन को सही रखता है। इसका जूस पीने से प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ते हैं। तुलसी के पत्तों के साथ काली मिर्च को पानी में उबाल लें और पिएं। इससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और यह एंटी बैक्टीरियल की तरह काम करता है। गिलोय उस बेल से लें, जो नीम के पेड़ पर चढ़ी हो, दो काली मिर्च, तुलसी के पांच पत्ते और अदरक को मिलाकर पानी में उबालकर काढ़ा बनाए और 5 दिन तक लें। आपको लगातार तेज बुखार, शरीर में लाल रंग के चकते, सिर दर्द, बदन दर्द, जोड़ों में दर्द आदि की समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।