मिशन गगनयान के लिए अंतरिक्ष यात्रियों के चयन का पहला दौर पूरा

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बेंगलुरु[ महामीडिया ] मिशन गगनयान के लिए अंतरिक्ष यात्रियों के चयन का पहला चरण इंस्टीट्यूट ऑफ एरोस्पेस मेडिसिन में पूरा हो गया। भारतीय वायुसेना ने शुक्रवार को बताया कि चुने गए पायलटों को व्यापक शारीरिक व्यायाम परीक्षण, प्रयोगशाला परीक्षण, क्लीनिकल टेस्ट, रेडियोलॉजिकल टेस्ट व मनोविज्ञान मूल्यांकन से गुजरना पड़ा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन  के चेयरमैन के. सिवन ने कहा कि इसरो समय सीमा में मिशन को पूरा करने में सक्षम है।मिशन गगनयान के तहत वर्ष 2022 तक भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन  एक भारतीय चालक दल के साथ अंतरिक्ष यान को लांच करेगा। यह भारत का पहला मानव अंतरिक्ष यान कार्यक्रम है। इस मिशन पर 10 हजार करोड़ से भी ज्यादा का खर्च आएगा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर दिए गए भाषण में मिशन गगनयान की घोषणा की थी। इसके तहत तीन सदस्यीय चालक दल को सात दिनों के लिए अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। अंतरिक्ष यान को पृथ्वी की निचली कक्षा में रखा जाएगा। गगनयान मिशन के हिस्से के रूप में दो मानवरहित व एक मानव सहित यान शामिल होंगे।चुने गए चार अंतरिक्ष यात्रियों को इसी साल नवंबर में रूस भेजा जाएगा। वहां यूरी गागरिन कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर में उन्हें मिशन गगनयान के लिए 15 महीने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। रूस में कठिन प्रशिक्षण के बाद उन्हें भारत में भी छह से आठ महीने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।