आज महालक्ष्मी पूजा है

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भोपाल (महामीडिया) आज महालक्ष्मी पूजा है। इसे गजलक्ष्मी व्रत भी कहा जाता है। आश्विन कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि पर पुत्र की दीर्घायु, आरोग्य तथा सर्वाधिक कल्याण के लिए जीवत्पुत्रिका जितिया और हाथी पूजा एवं महालक्ष्मी पूजा की जाती है। आज के दिन घर- घर में पार्थिव हाथी के साथ महालक्ष्मी जी की पूजा-अर्चना की जाएगी। इस व्रत को रखने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। व्यक्ति के जीवन में सुख, समृद्धि और वैभव की कभी कमी नहीं होती।
महालक्ष्मी या गजलक्ष्मी व्रत की पूजा विधि: इस व्रत का पूजन शाम के समय किया जाता है। इसलिए प्रातःकाल किसी जलाशय में जाकर दूर्वा से तर्पण करके प्रदोष काल में पूर्व दिशा की ओर एक पटा पर हाथी सहित महालक्ष्मी जी को स्थापित करना चाहिए। मिट्टी का हाथी बाजार से लाकर या घर में बनाकर उसे स्वर्णाभूषणों से सजाएं। इसके लिए केसर मिले चन्दन से अष्टदल बनाकर उस पर चावल रखें। एक जल से भरा कलश जरूर रखें। कलश के पास हल्दी से कमल बना लें।  हो सके तो इस दिन नए सोने या चांदी के आभूषण खरीदकर हाथी पर चढ़ाएं। आप चाहें तो अपनी श्रद्धानुसार सोने या चांदी का हाथी भी ला सकते हैं। वैसे इस दिन चांदी के हाथी का ज्यादा महत्व माना जाता है। ध्यान रखें कि माता लक्ष्मी की मूर्ति के सामने श्रीयंत्र भी रखें। फिर चन्दन, पत्र, पुष्प, माला, अक्षत, दूर्वा, लाल सूत, सुपारी, नारियल, फल मिठाई आदि से माता लक्ष्मी की पूजा करें। पोथी पढ़ना चाहिए। सोलह बोल की कहानी कहना चाहिए। हाथी एवं महालक्ष्मी जी को गंगाजल पिलाना चाहिए। आरती कर प्रसाद ग्रहण करना चाहिए।