अमरनाथ यात्रा पर असमंजस बरक़रार

अमरनाथ यात्रा पर असमंजस बरक़रार

जम्मू  [ महामीडिया ] बाबा अमरनाथ यात्रा के आयोजन को लेकर अब तक असमंजस बना हुआ है। यात्रा शुरू करने की तिथि 23 जून निर्धारित की गई थी। यह फैसला श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड ने किया था। एडवांस पंजीकरण एक अप्रैल से शुरू होना था, लेकिन कोरोना से उपजे हालात, लॉकडाउन के कारण एडवांस पंजीकरण को टाल दिया गया। कोरोना के हालात देखकर बोर्ड को फैसला करना था, लेकिन अभी तक बोर्ड की बैठक नहीं हुई है। बोर्ड को ही यात्रा के आयोजन को लेकर फैसला करना है।इस बार अमरनाथ यात्रा 21 जुलाई से शुरू की जा सकती है। हालांकि, अधिकारिक रूप से इस संबंध में कोई फैसला नहीं हुआ है। सूत्रों ने बताया कि उपराज्यपाल ने 19 जून को बोर्ड की बैठक बुलाई थी, लेकिन इसे स्थगित कर दिया गया था। बैठक को लेकर फिलहाल कोई तिथि निर्धारित नहीं हुई है। आगामी दस दिनों में बोर्ड की बैठक हो सकती है।सूत्र बताते हैं कि जम्मू कश्मीर प्रशासन यात्रा के आयोजन और अवधि को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय से भी सलाह मशविरा करेगा। बाबा बफार्नी लंगर संगठन यात्रा का आयोजन इस साल न करने का सुझाव दे चुका है। यात्रा के लिए इस बार प्रथम पूजा जम्मू में ही की गई थी। यह भी मांग की जा रही है कि पवित्र शिवलिंग के दर्शन चैनलों के  जरिए करवाए जाएं।कोरोना काल के मद्देनजर बाबा अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों लिए कड़े नियम बनाए गए हैं। इस नियम के तहत अमरनाथ यात्रा पर जाने के लिए श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड ने भक्तों की आयु सीमा का निर्धारण किया है। इतना ही नहीं यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं के पास कोरोना संक्रमण टेस्ट प्रमाणपत्र होना भी अनिवार्य होगा। इस कोविड-19 टेस्ट प्रमाण पत्र को जम्मू-कश्मीर में एंट्री करने और यात्रा शुरू करने की इजाजत देने से पहले चेक किया जाएगा। इसके साथ ही साधु-संतों के अलावा सभी तीर्थयात्रियों को यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना भी जरूरी होगा।
 

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