पालकी में सवार होकर भक्तों को दर्शन देने निकले भगवान महाकाल

पालकी में सवार होकर भक्तों को दर्शन देने निकले भगवान महाकाल

उज्जैन [ महामीडिया]   श्रावण मास में सोमवार को सोमवती अमावस्या के संयोग में भगवान महाकाल की तीसरी सवारी निकाली जा रही है। भक्तों को भगवान महाकाल के मनमहेश, चंद्रमौलेश्वर के साथ शिवतांडव रूप में दर्शन होंगे।महाकाल मंदिर से शाम चार बजे शाही ठाठबाट के साथ राजा की सवारी नगर भ्रमण के लिए रवाना हुई । यह सवारी शिप्रा के रामघाट पहुंचेगी। पालकी में सवार भगवान महाकाल प्रजा का हालचाल जानने निकले हैं। आरंभ में ही जय महाकाल से मंदिर परिसर गूंज उठा।रामघाट पर पुजारी भगवान का शिप्रा जल से अभिषेक-पूजन करेंगे। पूजन के बाद सवारी रामानुजकोट, हरसिद्धि मंदिर के सामने से बड़ा गणेश होते हुए पुनः महाकाल मंदिर पहुंचेगी।भगवान की तीसरी सवारी महाकाल मन्दिर से परिवर्तित मार्ग से निकाली जा रही है। परिवर्तित मार्ग अनुसार भगवान महाकालेश्वर की सवारी महाकाल मन्दिर से बड़ा गणेश मन्दिर होते हुए हरसिद्धि मन्दिर चौराहा और यहां से झालरिया मठ और बालमुकुंद आश्रम होते हुए सवारी रामघाट पर पहुंचेगी।रामघाट पर पूजन-अर्चन के पश्चात सवारी रामानुजकोट, हरसिद्धि की पाल होते हुए हरसिद्धि मन्दिर मार्ग, बड़ा गणेश मन्दिर के सामने से होती हुई पुन: महाकालेश्वर मन्दिर पहुंचेगी। सवारी का लाईव प्रसारण विभिन्न चैनलों द्वारा किया जा रहा है।कलेक्टर एवं अध्यक्ष महाकालेश्वर मन्दिर प्रबंध समिति आशीष सिंह ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि कोरोना संक्रमण के मद्देनजर वे सवारी देखने के लिये घरों से बाहर न निकलें। उन्होंने बताया कि सवारी मार्ग में लगे बैरिकेट्स को ढंककर सवारी के व्यू को बाधित किया गया है, इसीलिये बैरिकेटिंग के बाहर एकत्रित होने पर भी सवारी के दर्शन नहीं हो पायेंगे। कलेक्टर ने कोरोना संक्रमण से बचाव को ध्यान में रखते हुए सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे घरों में ही रहकर भगवान महाकाल की सवारी का दर्शन लाभ लें।
 

सम्बंधित ख़बरें